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'अमेरिका में 13 लोगों को गोलियों से भूनने वाले निदाल मलिक हसन की मौत की सजा की नहीं होगी LIVE स्ट्रीमिंग', ट्रंप ने किया ऐलान

 Written By: Vinay Trivedi
 Published : Oct 15, 2026 09:39 pm IST,  Updated : Oct 15, 2026 09:39 pm IST

अमेरिका में 13 लोगों को गोलियां बरसाकर मौत के घाट उतारने वाले निदाल मलिक हसन की मौत की सजा की लाइव स्ट्रीमिंग अब नहीं होगी। डोनाल्ड ट्रंप ने इसकी घोषणा कर दी है। साथ ही, ओबामा प्रशासन की नाकामी को भी याद किया।

Nidal Malik Hasan- India TV Hindi
निदाल मलिक हसन की मौत की सजा की LIVE स्ट्रीमिंग नहीं होगी। Image Source : AP

अमेरिका में 13 लोगों को गोलियों से भूनकर मार डालने वाले खूंखार निदाल मलिक हसन की मौत की सजा की लाइव स्ट्रीमिंग अब नहीं की जाएगी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस बात की जानकारी खुद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर दी। ट्रंप ने ये भी बताया कि ओबामा के कार्यकाल में FBI ने निदाल और यमनी-अमेरिकी कट्टरपंथी मौलवी अनवर अल-अवलाकी के बीच हुई बातचीत को पकड़ लिया था। इसके बावजूद उसे रोकने की कार्रवाई नहीं की गई थी। जानें ट्रंप ने और क्या-क्या कहा।

ट्रंप ने किया ओबामा प्रशासन की नाकामयाबी का जिक्र

डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर बताया, 'निदाल मलिक हसन, जो अमेरिकी सेना में मेजर था और बाद में देशद्रोही बन गया, एक बहुत ही बुरा और दुष्ट इंसान है। उसने 13 लोगों की जान ले ली, जिनमें एक प्रेग्नेंट महिला सैनिक भी शामिल थी। इस घटना में उस महिला और उसके अजन्मे बेटे, दोनों की मौत हो गई। इसके अलावा, उसने 32 अन्य निर्दोष लोगों को गंभीर रूप से घायल कर दिया। बराक हुसैन ओबामा के कार्यकाल में, FBI ने हसन और यमनी-अमेरिकी कट्टरपंथी मौलवी अनवर अल-अवलाकी के बीच हुए इलेक्ट्रॉनिक कम्युनिकेशन को पकड़ा था। FBI की टेररिज्म टास्क फोर्स ने जब इसकी जांच की, तो उनका निष्कर्ष था कि हसन के ईमेल से कोई खतरा नहीं है। ओबामा प्रशासन के इस आकलन को बाद में एक बड़ी खुफिया नाकामयाबी माना गया।'

नहीं होगी निदाल की मौत की सजा की लाइव स्ट्रीमिंग

ट्रंप ने आगे लिखा, 'इन सब बातों के बावजूद, मुझे लगता है कि अगर इस मृत्युदंड की सजा को सबके लिए स्ट्रीम किया जाता, तो यह विश्व को दिखाने का एक कड़ा संदेश हो सकता था कि अमेरिका आतंकवादियों और हसन जैसे नीच लोगों से कैसे निपटता है। लेकिन, कई लोग शायद उसे मरते हुए नहीं देखना चाहेंगे, चाहे वह स्ट्रीमिंग के माध्यम से हो या किसी और माध्यम से। उसे तय वक्त पर फायरिंग स्क्वॉड के जरिए मौत की सजा दी जाएगी, लेकिन इस घटना की स्ट्रीमिंग नहीं की जाएगी। हां, पीड़ितों के परिवार के करीबी सदस्य चाहें तो खुद वहां मौजूद रहकर इस सजा को देख सकते हैं। वे इंसाफ होते देखने के हकदार हैं।'

निदाल ने 'अल्लाह हू अकबर' का नारा लगाते हुए चलाई थीं गोलियां

गौरतलब है कि आगामी 3 दिसंबर को निदाल मलिक हसन को मौत की सजा दी जानी है और इसकी लाइव स्ट्रीमिंग भी होनी थी। साल 2009 में निदाल टेक्सास मिलिट्री बेस पर फोर्ट हुड की एक मेडिकल बिल्डिंग में घुसा था, जहां अमेरिकी सैनिक अपना मेडिकल चेकअप करा रहे थे। तब निदाल मलिक हसन ने 'अल्लाह हू अकबर' का नारा लगाते हुए लेजर-साइट वाली हैंडगन से गोलियों की बौछार कर दी थी। इस घटना में 13 लोग मारे गए थे और 30 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे।

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